त्रिविधा अलौकिकी शृङ्गार-रति की परिभाषाओं व दृष्टान्तों के उपर विवेचन + माधुर्य एवं ऐश्वर्य की परिभाषा + पञ्चमुख्यभक्तिरसों में शृङ्गार का श्रेष्ठत्व / Elucidation on the definitions and examples of the triple divinely aesthetic erotic rati + the definitions of Mādhurya & Aiśvarya + the pre-eminence of Śṛṅgāra among all the five primary mellows of devotion

त्रिविधा अलौकिकी शृङ्गार-रति की परिभाषाओं व दृष्टान्तों के उपर विवेचन + माधुर्य एवं ऐश्वर्य की परिभाषा + पञ्चमुख्यभक्तिरसों में शृङ्गार का श्रेष्ठत्व / Elucidation on the definitions and examples of the triple divinely aesthetic erotic rati + the definitions of Mādhurya & Aiśvarya + the pre-eminence of Śṛṅgāra among all the five primary mellows of… Read More

Are all men created/born equal? Vedic vs. Abrahamic difference. – Pt. 1

Are all men created or born equal — Vedic vs. Abrahamic difference. – Pt. 1. Abrahamic difference. – Pt. 1

'अयि दीनदयार्द्रनाथ..' के उपर अनुभाष्य व उसका हिन्दी अनुवाद

श्रीभक्तिसिद्धान्तसरस्वतिपाद के द्वारा किया गया अनुभाष्य का अंश चैतन्य-चरितामृत के उपर व उसका निम्नोद्धृत अनुवादांश भक्तिरसवेदान्तपीठाधीश्वर के द्वारा कृत –   अरे (श्री वृषभानुराजनन्दिनी का अपने रमण के प्रति किया गया मधुरसम्बोधन) हे दीनदयार्द्र, (कृष्णविरहकातरा निजजनस्वरूपा दीना गोपीयो के सम्बन्ध में  जो दया उन गोपीयों के विप्रलम्भ/विरह भाव की अपनोदनकारीणी/दूर हटाने वाली है – वैसी… Read More