त्रिविधा अलौकिकी शृङ्गार-रति की परिभाषाओं व दृष्टान्तों के उपर विवेचन + माधुर्य एवं ऐश्वर्य की परिभाषा + पञ्चमुख्यभक्तिरसों में शृङ्गार का श्रेष्ठत्व / Elucidation on the definitions and examples of the triple divinely aesthetic erotic rati + the definitions of Mādhurya & Aiśvarya + the pre-eminence of Śṛṅgāra among all the five primary mellows of devotion

त्रिविधा अलौकिकी शृङ्गार-रति की परिभाषाओं व दृष्टान्तों के उपर विवेचन + माधुर्य एवं ऐश्वर्य की परिभाषा + पञ्चमुख्यभक्तिरसों में शृङ्गार का श्रेष्ठत्व / Elucidation on the definitions and examples of the triple divinely aesthetic erotic rati + the definitions of Mādhurya & Aiśvarya + the pre-eminence of Śṛṅgāra among all the five primary mellows of… Read More

श्रीमद्भागवतस्य ज्ञानसाधनत्वादपि परमुपादेयत्वं रसस्वरूपेण कैवल्यमभिव्याप्यत्वात्

श्रीमद्भागवतस्य ज्ञानसाधनत्वादपि परमुपादेयत्वं रसस्वरूपेण कैवल्यमभिव्याप्यत्वात् (केवल संस्कृत में / Only in Sanskrit)       १) प्रश्न: —   प्रमाणं नाम (यथावत्) ज्ञानसाधनमेव वा उत किमपि अन्यद्वैशिष्ट्यमस्ति वा ? प्रमाणस्य परमं प्रयोजनं किम् ?     १) उत्तरम् –   गौडवैष्णवमते तु श्रीमद्भागवतं प्रमाणममलमेतत्सम्प्रदायप्रवर्त्तकैः श्रीमच्चैतन्यदेवैः यच्च विनिर्दिष्टं यथा – “आराध्यो भगवान्व्रजेशतनयस्तद्धाम वृन्दावनं रम्या काचिदुपासना व्रजवधूवर्गेण… Read More

उपनयनसंस्कार – गौडीय वैष्णव सम्प्रदाय में (केवल अङ्ग्रेजी/गुरुण्डा/यावनी में) / Upanayana-saṁskāra in Gauḍīya Vaiṣṇava Sampradāya

उपनयनसंस्कार – गौडीय वैष्णव सम्प्रदाय में (केवल अङ्ग्रेजी/गुरुण्डा/यावनी में) / Upanayana-saṁskāra in Gauḍīya Vaiṣṇava Sampradāya   During the six day process of the upanayana-saṁskāra (sacred-thread ceremony) + samāvarttanam-saṁskāra with avabhṛtha-snānam (early Vedic graduation ceremony performed for the sake of completing the conventional formality) of Vaṭu Soham Chatterjee/Chaṭṭopādhyāya {Gotram – Kāśyapa; Pravara – Raivasa Bhārgavīya; Veda… Read More

करपात्रमतनिरसनम् – चतुर्थांश: / करपात्रीय मत का अपगम – ४था भाग (अधिकांशत: संस्कृत आवृत्ति — किञ्चित् हिन्दी व गुरुण्डा/अङ्ग्रेजी/यावनी के संमिश्रण के साथ) / Refutation of the views held by Late Svāmī Karapātrī – 4th Pt. (Primarily Sanskrit version with a bit of Hindi and English interwoven)

करपात्रमतनिरसनम् – चतुर्थांश: / करपात्रीय मत का अपगम – ४था भाग (अधिकांशत: संस्कृत आवृत्ति — किञ्चित् हिन्दी व गुरुण्डा/अङ्ग्रेजी/यावनी के संमिश्रण के साथ) / Refutation of the views held by Late Svāmī Karapātrī – 4th Pt. (Primarily Sanskrit version with a bit of Hindi and English interwoven)           विद्वद्वर: विश्वासो वासुकि:… Read More

करपात्रानुरागयोर्वृथागल्पनिरास: — तृतीयांश: / दिवङ्गत स्वामी करपात्री एवं अनुरागकृष्णशास्त्री कथावाचक वृन्दावनीय के वृथा गल्प का निरास (दार्शनिक संस्कृत में) / Confutation of the views upheld by Late Karapātrī Svāmī & Anurāgakṛṣṇa Śāstrī Kathāvācaka Vṛndāvanīya (Only in philosophical Sanskrit)

करपात्रानुरागयोर्वृथागल्पनिरास: — तृतीयांश: / दिवङ्गत स्वामी करपात्री एवं अनुरागकृष्णशास्त्री कथावाचक वृन्दावनीय के वृथा गल्प का निरास (दार्शनिक संस्कृत में) / Confutation of the views upheld by Late Karapātrī Svāmī & Anurāgakṛṣṇa Śāstrī Kathāvācaka Vṛndāvanīya (Only in philosophical Sanskrit)       अनुरागार्भकस्य वृथा गल्प: —       करपात्रानुरागयोर्वृथागल्पनिरास: — तृतीयांश: / दिवङ्गत स्वामी करपात्री… Read More

मनुस्मृतावधर्मनाशोल्लेखः? / मनुस्मृति में अधर्मनाश का उल्लेख है? / Destruction of adharma elucidated in Manu-smṛti? (In Hindi & Sanskrit)

  मनुस्मृतावधर्मनाशोल्लेखः? / मनुस्मृति में अधर्मनाश का उल्लेख है? / Destruction of adharma elucidated in Manu-smṛti? (In Hindi & Sanskrit)       १) “नाधर्मश्चारितो लोके सद्यः फलति गौरिव । शनैरावर्त्तमानस्तु कर्त्तुर्मूलानि कृन्तति ।।मनुस्मृति: ४.१७२ ।।“   महर्षिः मेधातिथिः — “आवर्त्त्यमानः कालेनोपचीयमानः कर्त्तुः प्रतिषिद्धानुष्ठातु: मूलाकृन्तति छिनत्ति । मूलकर्त्तनेन सर्वेण सर्वविनाश उपलक्ष्यते ।“ – यहाँ मूलोच्छेदन… Read More

करपात्रानुरागयोर्मतनिरसनम् / करपात्री स्वामी एवं कथावाचक अनुरागकृष्ण शास्त्री के मत का विखण्डन / Confutation of the views of Svāmī Karapātrī & Anurāgakṛṣṇa Śāstrī Kathāvācaka (Only Hindi & Sanskrit version)

  करपात्रानुरागयोर्मतनिरसनम् / करपात्री स्वामी एवं कथावाचक अनुरागकृष्ण शास्त्री के मत का विखण्डन   / Confutation of the views of   Svāmī Karapātrī & Anurāgakṛṣṇa Śāstrī Kathāvācaka (Only Hindi and Sanskrit version)       यह निबन्ध (अन्तर्जालीय पृष्ठसूत्र — https://goo.gl/xoZlpZ) स्वामी करपात्री के लिये सनातनी समाज को दिये नारे ‘अधर्म का विनाश हो’ – उसके उपर… Read More

गुरुपादाचार्य स्वामी श्री के द्वारा गहन शास्त्रीय अनुसन्धान में जाने का उपक्रम आगामी दीर्घकाल के लिये / An initiative by Gurupādācārya Svāmī Śrī to delve deep into the profound scriptural research for upcoming some time

गुरुपादाचार्य स्वामी श्री के द्वारा गहन शास्त्रीय अनुसन्धान में जाने का उपक्रम आगामी दीर्घकाल के लिये  / An initiative by Gurupādācārya Svāmī Śrī to delve deep into the profound scriptural research for upcoming some time श्रीनन्दनन्दनपरब्रह्मणो माधुर्यमुत्कृष्यते ।   सनातनधर्म के विभिन्न सम्प्रदायों का शास्त्रमूलक मतवैचित्र्य एक ओर जहाँ आर्य संस्कृति के वैभवयुक्त उत्कर्ष का… Read More

वेदान्तप्रस्थान के उपर अद्यावधि उपलब्ध दार्शनिक सम्प्रदायों की सूची / Enumeration of the various theological doctrines so far available on Vedānta.

वेदान्तप्रस्थान के उपर अद्यावधि उपलब्ध दार्शनिक सम्प्रदायों की सूची / Enumeration of the various theological doctrines so far available on Vedānta. समग्रवेदान्तप्रस्थानस्य मूलाचार्या: कृष्णद्वैपायना: सात्यवतेया: बादरायणा: महामुनय: वेदव्यासा: उत्तरमीमांसात्मकब्रह्मसूत्राविर्भावका:।       (वेदान्तप्रस्थाने षोडशसिद्धान्ता: मुख्यरूपेण – तदितरविलुप्ताष्टादशवेदान्तसिद्धान्ता:) –   वैष्णवसम्प्रदायेष्वैतानि सप्तमतानि वेदान्तप्रस्थानोपरि —     क) रामानुजीय: विशिष्टाद्वैतवाद: अनन्यहर्युपासनात्मकं भक्तिमार्गमतम् — श्रीलक्ष्मणदेशिकानां श्रीभाष्यमनेकटीकोपटीकाभिः समलङ्कृतम् —… Read More

Severe logical taunting done on Western materialistic/animalistic/Communistic/Secularist beliefs bereft of Vedic spirituality

Severe logical taunting done on Western materialistic/animalistic/Communistic/Secularist beliefs bereft of Vedic spirituality Big achievements in material life minus spiritual progress is an ultimate zero as worth as a crow’s stool — a bitter fact — for, the quadruple materialistic acts of eating, sleeping, mating and defending are same in both 4 legged animals and a… Read More