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सूचना —

आचार्य श्री सप्ताह (७ दिवसीय) एवं नवाह (९ दिवसीय) कथाएँ करते है किसी भी प्रकार के पूर्वनिर्धारित व्यावसायिक शुल्क के बगैर तथा भजन/कीर्त्तन के मर्यादित प्रवेश के साथ जो कि तत्त्वज्ञानपरिप्लुता होती है । ये कथायें सस्ते मनोरञ्जन के लिए नहीं, अपितु दिव्यानुभूति के निमित्त होतीं है । ये कथायें श्रीमद्भागवत, वाल्मीकीय रामायण, आनन्दरामायण, महाभारत, श्रीमद्भगवद्गीता, गर्ग-संहिता, बृहदभागवतामृत, चैतन्यचरितामृत, चैतन्यभागवत, गोपालचम्पु, भक्तिरत्नाकर, रामचरितमानस व भक्तमाल पर की जाती है । इनके अतिरिक्त कतिपयदिवसीया प्रवचनश्रृंखलाएँ भी सम्पन्न की जाती है उपनिषद्, ब्रह्मसूत्र (वेदान्त), भक्तिरसामृतसिन्धु, भागवतसन्दर्भ, लघुभागवताममृत, व्रजभक्तिविलास, पद्यावली, प्रेमपत्तनम्, विष्णुसहस्रनाम, रासपञ्चाध्यायी, वृन्दावनमहिमामृतम्, ब्रह्मसंहिता, कृष्णकर्णामृतम्, राधारससुधानिधि, चैतन्यचन्द्रामृतम्, चैतन्यचंद्रोदयनाटकम्, राधाकृष्ण + गौरगणोद्देशदीपिका, सत्क्रियासारदीपिका, उपदेशामृतम्, शिक्षाष्टकम्, माधवमहोत्सव, हरिभक्तिविलास, उज्जवलनीलमणि, सारसंग्रह, माधुर्यकादम्बिनी, रागवर्त्मचन्द्रिका, रागनुगाविवृत्ति, मनःशिक्षा, विलापकुसुमांजलि, हंसदूत, उद्धवसन्देश, विदग्ध व ललितमाधवनाटक, सिद्धान्तदर्पण, सिद्धान्तरत्नम्, प्रमेयरत्नावली, वेदान्तस्यमन्तक, कर्मज्ञानभक्तिविवृत्ति, नवरत्नम् आदि गौडीय ग्रन्थो पर ।

इसके अतिरिक्त भक्ति रस वेदान्त प्रतिष्ठानम् आचार्य श्री की अध्यक्षता में अद्यावधि अमुद्रित, अप्रकाशित व अननुवादित बाँग्ला व संस्कृत आदि भाषाओ में प्रणीत गौडीय वैष्णव साहित्यराशि के वैद्युतिक प्रकाशन का भी इच्छूक है जो कि अब तक प्राचीन हस्तलिखित ताड़ एवं भोज पत्रो पर अङ्कित है ।

Note —

Acarya Sri conducts saptaha (7 days) and navaha (9 days) kathas (discourses) without any prefixed commercial charge and with moderate entry of kirttanam. The said kathas are replete with tattva-jnanam. They are for enlightenment and not for cheap entertainment. Kathas are done on Srimad-bhagavatam, Valmikiya Ramayana, Mahabharata, Srimad-bhagavad-gita, Garga-samhita, Brhad-bhagavatamrta, Caitanya-caritamrta, Caitanya-Bhagavata, Gopala-campu, Bhakti-ratnakara, Rama-carita-manasa, Ananda-ramayana and Bhakta-mala etc. Few days seminars are, too, conducted on Upanisads, Brahmasutra (Vedanta), Bhakti-rasamrta-sindhu, Laghu-bhagavatamrta, Vraja-bhakti-vilasa, Prema-pattanam, Visnusahasranama, Padyavali, Bhagavata-sandarbha, Rasa-pancadhyayi, Vrndavana-mahimamrtam, Brahma-samhita, Krsna-karnamrtam,  Caitanya-candramrtam, Caitanya-candrodaya-natakam, Radhakrsna + Gaura-ganoddesa-dipika, Satkriya-sara-dipika, Upadesamrtam, Siksastakam, Madhava-mahotsava, Hari-bhakti-vilasa, Ujjvala-nilamani, Sara-sangraha, Madhurya-kadambini, Raga-vartma-candrika, Raganuga-vivrtti, Siddhanta-darpana, Siddhanta-ratnam, Prameya-ratnavali, Vedanta-syamantaka, Karma-jnana-bhakti-vivrtti, Nava-ratnam, Manah-siksa, Vilapa-kusumanjali, Hamsa-duta, Uddhava-sandesa, Vidagdha & Lalita-madhava-natakam + Radha-rasa-sudhanidhi etc. Gaudiya Vaisnava literature.

Additionally, Bhakti Rasa Vedanta Foundation headed by Acarya Sri is, also, planning to translate and e-publish much of the so far unpublished Caitanyaite literature (mainly composed in Bengali and Sanskrit) up till now lying in classically handwritten palmleaved manuscripts.

भक्तिरसवेदान्तपीठाधीश्वर आचार्य श्री गुरुपाद के आगामी धर्मप्रचार कार्यक्रम की सूचना (केवल उत्तर भारत की यात्रासूची) —

१) २० दिसम्बर से २६ दिसम्बर २०१५ ई.स्वी. तक श्रीमद्भागवतकथा — लखनऊ, पूर्वी उत्तर प्रदेश, अवध क्षेत्र, भारत।

२) २८ दिसम्बर से ३१ दिसम्बर २०१५ ई.स्वी. तक श्रीमद्भगवद्गीता व वेदान्त के ऊपर दार्शनिक प्रवचन — वाराणसी वा काशी वा बनारस, विन्ध्याचल क्षेत्र, पूर्वाञ्चल, उ.प्र., भारत।

३) ३१ मार्च से ६ अप्रैल २०१६ तक श्रीमद्भागवतकथा — देवरिया, गोरखपुर क्षेत्र, पूर्वाञ्चल, उ.प्र., भारत।

४) ९ अप्रैल से १५ अप्रैल २०१६ तक श्रीमद्भागवतकथा — वाराणसी, उ.प्र., भारत।

विस्तारित सूचना कार्यक्रमों से कुछ समय पूर्व दी जायेगी।

— भ.र.वे.प्र. का जनसम्पर्काधिकारी
(आणंद, गुज., भारत)

Upcoming religious preaching tour schedule of Bhaktirasavedantapithadhisvara Acarya Sri Gurupada (of North Bharatiya tour only) —

1) Srimadbhagavata Katha from 20th Dec. to 26th Dec. 2015 in Lucknow, East UP, IN.

2) Philosophical seminar on Vedanta and Srimadbhagavadgita from 28th Dec. to 31st Dec. 2015 in Varanasi (Kashi or Benares), East UP, IN.

3) Srimadbhagavata Katha from 31st March 2016 to 6th April 2016 in Deoria, Gorakhpur Division, East UP, IN.

Good news – Now the below video lecture has been fully uploaded and is ready for either a free download or a play.

शुभ समाचार – अब निम्नोल्लिखित चित्रपटात्मक प्रवचन पूर्णतया ऊर्ध्वस्थापित हो चुका है एवं निःशुल्क श्रवणदर्शनात्मिक अनुभूति व अधोस्थापन के लिये उपलब्ध है ।

 

 

List of Acarya Sri’s videos uploaded on archive.org / आचार्य श्री के archive.org पर उपस्थापित प्रवचनो की शृङ्खला  –

 

 

1/१) Link/सूत्र —  

https://archive.org/details/BrvfsGurupda-DharmaArthaKmaMokaAndPremaAnalysedInHindi

 

 

Title / शीर्षक –

 

BRVF’s Gurupada – Dharma (pious duty), Artha (economic prosperity), Kama (sensual satisfaction), Moksa (liberation) & Prema (devotion)analysed in a Hindi discourse.

 

भक्तिरसवेदान्तपीठाधीश्वर आचार्य श्री के द्वारा दिया व्याख्यान हिन्दी में – धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष व प्रेम (भक्ति) के उपर ।

 

 

Description / विवरण –

 

Village Barpar, Dist: Deoria, (Gorakhpur Division) East UP, IN – 11th June 2015 Evening – Bhakti-rasa-vedanta-pithadhisvara Acarya Sri RKDS ‘AV’ Gurupada of BRVF aka Bhakti Rasa Vedanta Foundation (Anand, Gujarat, Bharata).

Hindi philosophical discourse on the relevance of purusartha-catustaya and the supremacy of the atyantika-pancama-purusartha-svarupa prema-bhakti. This is the 8th day after the initial seven days of Srimad-bhagavata-mahapurana-saptahika-katha has been completed.

 

 

Hosts of this SBMP Katha were Mr. Shriprakashram Tripathi and Mr. Akhileshram Tripathi.

 

 

ग्राम बरपार, जनपद – देवरिया, (गोरखपुर मण्डल) पूर्वाञ्चल, उत्तरप्रदेश, भारत – ११वा जून २०१५ ई.स्वी. सायंकाल प्रवक्ता – भ.र.वे.प्र. के आचार्य श्री/गुरुपाद (आणन्द, गुजरात, भारत)

हिन्दी दार्शनिक प्रवचन पुरुषार्थ चतुष्टय कि उपयोगिता के उपर तथा आत्यन्तिकपञ्चमपुरुषार्थस्वरोपा प्रेमलक्षणा भक्ति के उपर । यह अष्टम दिन है श्रीमद्भागवतमहापुराण की साप्ताहिका कथा का ।

 

इस कथा के आयोजक थे – श्रीप्रकाशराम त्रिपाठी व श्री अखिलेशराम त्रिपाठी ।

 

 

Note –

 

The said Hi-definition video/audio discourse of about 45 minutes and 3 seconds is available for public download and play at the above given web-link. The discourse is in two files.

 

 

सूचना –

 

उपरोल्लिखित उच्चतमगुणवत्तायुक्त चित्रपटात्मक/ध्वन्यात्मक व्याख्यान जो कि ४५ minutes व ३ seconds का है – जनसाधारण के संग्रह व दर्शन के लिये उपलब्ध है उपर बताये हुये अन्तर्जालीय सूत्र पर । यह व्याख्यान दो अंशो में है ।

 

4) Srimadbhagavata Katha from 9th April to 15th April 2016 in Varanasi, East UP, IN.

Precise elaborate details of these programs shall be provided shortly before their commencement.

— PRO of BRVF
(Anand, GJ, IN)

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